2 अगस्त 2012 - 19:30

ज़ायोनी शत्रुओं के मुक़ाबले में हिज़्बुल्ला का प्रतिरोध राजनीतिक कुर्सी या कोई पद प्राप्त करने के लिए नहीं है बल्कि हिज़्बुल्ला केवल अपनी धरती, सम्मान और प्रतिष्ठा की गूँज के लिए इसराइल का सामना कर रहा है.........

अबना: 30 जुलाई को तो शेख़ नईम क़ासिम ने (अल-बतूल (अ)) नामक स्कूल की इस्लामी शिक्षा संगठन की इफ़्तार पार्टी में भाषण के दौरान बल दिया कि ज़ायोनी शत्रुओं के मुक़ाबले में हिज़्बुल्ला का प्रतिरोध राजनीतिक कुर्सी या कोई पद प्राप्त करने के लिए नहीं है बल्कि हिज़्बुल्ला केवल अपनी धरती, सम्मान और प्रतिष्ठा की गूँज के लिए इसराइल का सामना कर रहा है।उन्होंने कहा है कि इसराइली क्षेत्र में जारी संकट का वास्तविक कारण है और इस्राईली सरकार हालात को एक ही स्थिति में अपने हित में बदल सकती है जब क्षेत्र के राष्ट्रों के बीच फ़ितना व दंगों की आग को शोला वर करने में सफल हो जाए।समाचार समाप्त........166