इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कल दोपहर (रविवार के दिन) ज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और अधिकारियों से भेंट में ज्ञान को देश के लिए उबलता हुआ स्रोत बताया और राष्ट्रीय पहचान के विकास में ज्ञान और बुद्धिमानी के आधार पर आधारित अर्थव्यवस्था और देश की राजनीतिक सत्ता और स्वतंत्रता की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ईरान, आज यादगार ऐतिहासिक और सेंसिटिव चरण पर पहुंच गया है इसलिए दायित्वों की सही पहचान और उन पर अमल द्वारा ईरानी राष्ट्र निश्चित रूप से अपने उज्जवल और आशाजनक लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनई ने कहा देश प्रगति और विकास की ओर बढ़ रहा है और ईरानी राष्ट्र की प्रगति और विकास में कोई मुश्किल और रुकावट नहीं है।इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने उच्च और उज्जवल लक्ष्यों की ओर देश की प्रगति में कुछ राजनीतिक, आर्थिक और मीडिया के दबाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र दृढ़ संकल्प और साहस के साथ अपने दृष्टिगत लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए मसमम है।इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने कहा ईरानी राष्ट्र के इरादों और क्षमताओं की तुलना में दबाव और प्रतिबंधों की कोई हैसियत नहीं हैं।समाचार समाप्त ........ 166
आतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनईः
जनता के दृढ़ संकल्प की तुलना में दबाव और प्रतिबंधों की कोई हैसियत नहीं।
29 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 332909
ईरान, आज यादगार ऐतिहासिक और सेंसिटिव चरण पर पहुंच गया है इसलिए दायित्वों की सही पहचान और उन पर अमल द्वारा ईरानी राष्ट्र निश्चित रूप से अपने उज्जवल और आशाजनक लक्ष्य तक पहुंच जाएगा........