सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र के बिगड़ते हालात और जन आंदोलन का असर मदीना और रियाज सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुँचने के आधार पर देश के नेताओं की नींदे हराम हो गईं हैं। कुछ अख़बारों के अनुसार सऊदी अरब के कुछ शाहज़ादे अपने आराम के साथ देश से भागने की जुगाड़ में हैं। इस समय यह बात कही जा सकती है कि रियाद के शासकों की बे सोची समझी योजनाओं से अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों की परेशानियाँ भी बढ़ गई हैं और सऊदी अरब में मिस्र, लीबिया, बहरैन और यमन जैसे हालात पैदा होने के कारण उन पर भय और वहशत तारी हो गई है जिसने सऊदी अरब के मौजूदा शासकों को देश को सेना के हाथ में देने पर मजबूर कर दिया है।सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में सैकड़ों सैनिकों का भेजना इस बात का संकेत है कि मदीना शहर में भी सुरक्षा की जरूरत है और मदीना के विभिन्न क्षेत्र विशेषकर नबी-ए-करीम (स.) के हरम के आसपास का क्षेत्र सैनिक छावनी में तब्दील हो गया है यहां तक कि मदीना पुलिसन के वाहन हरमे नबवी के सहनों में मोजूद है और हरमे नबवी में सेना ने अपना कब्जा जमा रखा है।समाचार समाप्त......166
16 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 329785
सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र के बिगड़ते हालात और जन आंदोलन का असर मदीना और रियाज सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुँचने के आधार पर देश के नेताओं की नींदे हराम हो गईं हैं..........