तेहरान में आयोजित महिला और इस्लामी जागरूकता के शीर्षक के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस कल रात समाप्त हो गयी। कांफ़्रेंस के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का आभार व्यक्त करते हुए 19 बिन्दुओं पर आधारित घोषणापत्र जारी किया। घोषणापत्र में इस्लामी जागरूकता को ईश्वर की महा विभूति और मूल्यवान वास्तविकता बताया गया और कहा गया कि जेहाद और कर्म के मैदान में महिला और पुरुषों की उपस्थिति, इस्लामवाद, साम्राज्य से शत्रुता, अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनीवाद और वर्चस्ववाद को नकारने और मानवता की प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए है। घोषणापत्र में सामने आने वाली घटनाओं को समाज में महिलाओं की हैसियत और भूमिका के महत्त्व में सुदृढ़ता का कारण बताया गया है और इस पर बल दिया गया है कि स्थिति की मांग यह है कि इस्लामी देशों में राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और विशेषकर विज्ञान और प्रबंधन के क्षेत्र में महिलाओं की क्षमताओं से भरपूर लाभ उठाया जाए। काफ़्रेंस में भाग लेने वाली महिलाओं ने इस्लामी जागरूकता को दिगभ्रमित करने के षड्यंत्रों की ओर से सचेत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनिज़्म और साम्राज्य के षड्यंत्रों से होशियार रहने पर बल दिया है। घोषणापत्र में फ़िलिस्तीनियों के इस्लामी प्रतिरोध को इस्लामी जगत में जागरूकता का मुख्य कारण बताया गया और बैतुल मुक़द्दस की स्वतंत्रता तक उनके प्रतिरोध जारी रहने की आशा व्यक्त की गयी। संसार में इस्लाम से लोगों को डराने में अमरीका और पश्चिम के षड्यंत्रों और इस्लामी हेजाब के विरोध की ओर संकेत करते हुए घोषणापत्र में कहा गया है कि आज की मुसलमान महिलाएं पर्दे के विरुद्ध पश्चिमी संचार माध्यमों के वैज्ञानिक युद्ध का डट कर मुक़ाबला करेंगी। ज्ञात रहे कि तेहरान में महिला और इस्लामी जागरूकता के शीर्षक के अंतर्गत दो दिवसीय कांफ़्रेंस का आयोजन हुआ जिसमें विश्व के विभिन्न देशों की 1300 महिलाओं ने भाग लियासमाचार समाप्त.......166
11 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 328748
तेहरान में आयोजित महिला और इस्लामी जागरूकता के शीर्षक के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस कल रात समाप्त हो गयी। कांफ़्रेंस के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का आभार व्यक्त करते हुए 19 बिन्दुओं पर आधारित घोषणापत्र जारी किया......