8 जुलाई 2012 - 19:30

ज़ायोनी शासन की जासूसी एजेंसी मोसाद ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए गए एक अभियान के तहत अपने कुछ हत्यारों को पड़ोसी देश भेजा था.....

ज़ायोनी शासन की जासूसी एजेंसी मोसाद ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए गए एक अभियान के तहत अपने कुछ हत्यारों को पड़ोसी देश भेजा था। एक नई पुस्तक में यह रहस्योद्घाटन किया गया है। स्पाइज अगेंस्ट आर्मागेडोन, इनसाइड इस्राइल्स सीकेट्र वार्स नामक यह किताब सोमवार को प्रकाशित होने जा रही है। इस किताब में उल्लेख किया गया है कि ज़ायोनी शासन की खुफिया एजेंसी के दस्ते ने कम से कम चार ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या की। वैज्ञानिकों की कारों का मोटरसाइकिलों पर पीछा किया गया। मोसाद के खुफिया दस्तों द्वारा मोटरसाइकिलों पर लक्ष्य का पीछा करने की तकनीक का काफी इस्तेमाल किया जाता रहा है। पुस्तक के लेखकों डेन रेविव और योसी मेलमैन ने पुस्तक में लिखा है कि मोसाद के एजेंट किसी भी तेज गति के दौरान वाहन से गोली चलाने और बेहद सटीक तरीके से चिपकने वाले बम लगाने में माहिर हैं। मीडिया रिपोर्टों में ऐसी अटकलें लगाई गई थीं, कि इस्राइल ने इस काम को अंजाम देने के लिए भाड़े के हत्यारों की सेवाएं ली थीं। रेविव ने कहा कि वे इतने संवेदनशील मिशन के लिए भाड़े के हत्यारों की सेवाएं नहीं लेंगे। यह इतना संवेदनशील मिशन था कि इस्राइल के प्रधानमंत्री को स्वयं इसके लिए अनुमति देनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि उन्होंने सहायता या उपकरणों के लिए कुछ बागियों की सहायता ली हो लेकिन हमले करने के लिए नहीं। जो शैली, प्रशिक्षण और मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करने की जो तकनीक अपनाई गई, वह मोसाद के एजेंटों की है। वे इस काम के लिए किसी अन्य पर भरोसा नहीं करते। लेखकों का कहना है कि मोसाद के एजेंट ईरान में कई मार्गों से घुसे और अपने काम को अंजाम देने के बाद इसी प्रकार देश से बाहर निकल गए। रेविव सीबीएस न्यूज के संवाददाता हैं और मेलमैन इस्राइली समाचारपत्र हेरात्ज के जाने माने खुफिया और सैन्य मामलों के संवाददाता हैं।समाचार समाप्त......166