मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने संसद की बहाली का आदेश दिया है। पिछले महीने सत्तारूढ़ सैन्य परिषद ने संसद को भंग कर दिया था। मिस्र की उच्चतम न्यायालय ने संसद को ये कहते हुए असंवैधानिक करार दिया था कि पार्टी सदस्यों ने निर्दलीयों के लिए आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ा था। तत्कालीन सैन्य सरकार ने इसी आदेश को अमल में लाते हुए संसद को भंग करने का आदेश जारी किया था। लेकिन, मोहम्मद मुर्सी का कहना है कि जब तक नए चुनाव नहीं हो जाते हैं तब तक सदन को बहाल रखना चाहिए। मौजूदा सदन में मुस्लिम ब्रदरहुड के सबसे अधिक सदस्य हैं। इस बीच, राष्ट्रपति के इस आदेश पर विचार करने के लिए सैन्य परिषद की आपात बैठक हो रही है। विश्लेषकों का कहना है कि मोहम्मद मुर्सी के इस निर्णय को सेना को सीधे चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। मिस्र की सरकारी मीडिया ने समाचार दिया है कि मोहम्मद मुर्सी ने अदालत के निर्णय के ऊपर राष्ट्रपति का आदेश जारी किया है। मोहम्मद मुर्सी पिछले महीने देश के पहले स्वतंत्र रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने थे। लेकिन चुनाव से पहले सेना ने शक्तियां अपने पक्ष में कर ली थीं ताकि राष्ट्रपति का सेना के ऊपर कोई नियंत्रण न रहे। उधर मोहम्मद मुर्सी ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि दोबारा बहाल होने वाली संसद ही संविधान का मसौदा तैयार करेगी।समाचार समाप्त......166
8 जुलाई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 327993
मिस्र की उच्चतम न्यायालय ने संसद को ये कहते हुए असंवैधानिक करार दिया था कि पार्टी सदस्यों ने निर्दलीयों के लिए आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ा था............