1 जुलाई 2012 - 19:30

इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक बल सिपाहे पासदारान की एरोस्पेस शाखा के कमांडर ने कहा है कि यदि ज़ायोनी शासन ने इस्लामी गणतंत्र ईरान पर आक्रमण करने की ग़लती की तो उसका अस्तित्व ही मिट जाएगा.....

इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक बल सिपाहे पासदारान की एरोस्पेस शाखा के कमांडर ने कहा है कि यदि ज़ायोनी शासन ने इस्लामी गणतंत्र ईरान पर आक्रमण करने की ग़लती की तो उसका अस्तित्व ही मिट जाएगा। ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने कल कहाः यदि ज़ायोनी शासन ने ग़लती की तो वे हमे इस गृह से उनका सर्वनाश करने का बहाना देंगे। उन्होंने कहा कि इस्राईल जानता है कि उसकी सेना का इस्लामी गणतंत्र ईरान की वीरता के सामने कोई जोड़ नहीं है वरना उसे ईरान पर आक्रमण करने में तनिक भी हिचकिचाहट न होती। हाजीज़ादे ने प्रश्न किया कि इस्राईल कैसे ईरान पर आक्रमण कर सकता है जब वह 33 दिवसीय युद्ध में हिज़्बुल्लाह से पराजित हो गया जबकि हिज़्बुल्लाह ईरान की तुलना में एक छोटा ग्रुप है। उन्होंने कहा कि यदि इस्राईल ईरान पर आक्रमण करना चाहता है तो उसे इस अपराध में अमरीका को सहभागी बनाना होगा किन्तु अमरीका इस लिए इस्राईल के साथ सहयोग नहीं करेगा क्योंकि उसकी सभी छावनियां ईरानी शस्त्रों व प्रक्षेपास्त्रों की पहुंच में हैं। इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक बल सिपाहे पासदारान की एरोस्पेस शाखा के कमांडर ने घोषणा की कि शीघ्र ही ईरान 300 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले एक ऐसे ब्लिस्टिक मीज़ाईल का अनावरण करने वाला है जिसकी गति ध्वनी की गति से तीन गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि यह मिज़ाइल इस्राईल के आयरन डोम नामक एंटी मिज़ाइल तंत्र, रक्षा कवच और रेडार को निशाना बना सकता है।समाचार समाप्त.......166