आले सऊद ने जनता के विरोध में तीव्रता आने के दृष्टिगत अपनी सेना को हाई अलर्ट कर दिया है। सेना को अलर्ट करने से आले सऊद का उद्देश्य जन-आंदोलन को बेरहमी से कुचलने है। रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के विभिन्न क्षेत्रों में गरीबी और बेरोज़गारी मौलिक अधिकारों के अभाव और सऊदी शहज़ादों और शासकों की लूट खसोट के कारण जनता में भारी बेचैनी पाई जाती है जिसके मद्देनजर आले सऊद के राजा ने सेना को अलर्ट कर दिया है।सऊदी बादशाह ने अपने आदेश में दावा किया है कि सेना को आतंकवाद और विदेशी हमलों के मुकाबले के उद्देश्य से अलर्ट किया जा रहा है।याद रहे सऊदी अरब के उत्तराधिकारी और गृहमंत्री नाएफ इब्ने अब्दुल अज़ीज़ की मौत के बाद आले सऊद के परिवार में सत्ता की जंग में तीव्रता आ चुकी है जिस पर अमेरिका ने अपने हितों की सुरक्षा हेतु चिंता की घोषणा की थी। अमेरिका को खतरा है कि आले सऊद के सत्ता से हटने से इजराइल के हित खतरे में पड़ जाऐंगे. याद रहे सऊदी अरब में बुनियादी अधिकार और आज़ादीं के अभाव के आधार पर जनता विरोध कर रही है और यह प्रदर्शन विभिन्न अरब देशों विशेषकर मिस्र में आंदोलन शुरू होने के बाद से ही शुरू हो चुके थे। मानवाधिकार संगठनों ने कई बार सऊदी अरब में मानवाधिकार हनन के बारे में रिपोर्ट पेश की है लेकिन आले सऊद ने पश्चिमी देशों को बड़ी बड़ी रिश्वतें देकर उनकी का मुंह बंद कर दिया है। सऊदी अरब सरकार की आलोचना करना अपराध है जिसकी कड़ी सजा दी जाती है। सूचना के अनुसार सरकार की आलोचना करने वाले तीस हजार लोगों को कई वर्षों से बिना मुकदमे के जेल में रखा गया है।समाचार समाप्त......166
27 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 325454
आले सऊद ने जनता के विरोध में तीव्रता आने के दृष्टिगत अपनी सेना को हाई अलर्ट कर दिया है........