ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि ईरान की कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधि पालिका, इस्लाम, मुसलमानों और ईरान की स्वाधीनता के लिए एक संयुक्त रक्षा मोर्चे पर हैं।ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज न्यायपालिका के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट में शहीद आयतुल्लाह बहिश्ती और उनके साथ जामे शहादत नोश करने वाले अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मौजूदा हालात में सभी संस्थानों, विशेष रूप से, कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधि पालिका के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि आज वर्चस्व पसंद शक्तियों ने अपनी सारी ताकत इस बात पर केंद्रित कर रखी है कि शायद इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसके महान आंदोलन को जो इस्लामी जगत के लिए मार्गदर्शन है, नुकसान पहुंचा सकें।ईरान के सुप्रीम लीडर ने इसी प्रकार इस्लामी देशों में लोगों की जागरुकता और दिन प्रतिदिन इस्लामी आकांक्षाओं के प्रति लोगों में बढ़ती रूचि को ईरान की इस्लामी क्रांति का परिणाम बताया और कहा कि बड़ी शक्तियां झूठ में ही स्वयं को विश्व समुदाय बताती हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पर प्रतिबंध लगाने से वर्चस्ववादी शक्तियों का मूल उद्देश्य ईरानी जनता है ताकि इन दबावों व प्रतिबंधों से ईरान के लोग थक कर इस्लामी व्यवस्था से अलग हो जायें परंतु ईश्वर की कृपा से इन षडयंत्रों पर पानी फिर जायेगा क्योंकि उन्होंने ईरानी जनता और अधिकारियों को अभी भी नहीं पहचाना है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता ने शत्रु की इस चाल को अच्छी तरह पहचान लिया है और इसी कारण लोग विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय ढंग से उपस्थित हैं और सममुच ईरानी अधिकारियों ने भी अपना पूरा प्रयास लगा दिया है। इसी प्रकार इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर ने ईरान के परिवेष्टन हेतु अमेरिका के समस्त प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज स्वयं अमेरिका गम्भीर परिवेष्टन में हैं और वे एसी समस्याओं में फंसा हुआ है जो समाधान योग्य नहीं है जबकि ईश्वर की कृपा से ईरान के पास आवश्यकता की समस्त वस्तुएं तथा साधन मौजूद हैं।समाचार समाप्त.........166
26 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 325280
ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा है कि ईरान की कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधि पालिका, इस्लाम, मुसलमानों और ईरान की स्वाधीनता के लिए एक संयुक्त रक्षा मोर्चे पर हैं।