25 जून 2012 - 19:30

शेख हाज़िम सलाह अबू इस्माइल ने कहा है कि सैन्य परिषद अमरीका और ज़ायोनी शासन के पिठ्ठू है और मिस्री जनता को मुरसी के राष्ट्रपति बनने की खुशी में अत्तहरीर स्क्वायर खाली नहीं करना चाहिए.......

मिस्र में सल्फ़ी पार्टी के सदस्य ने सैन्य परिषद को अमेरिका और ज़ायोनी शासन का पिठ्ठू बताया है। अल्फ़ज्र वेबसाइट के अनुसार शेख हाज़िम सलाह अबू इस्माइल ने कहा है कि सैनिक परिषद अमरीका और ज़ायोनी शासन के पिठ्ठू हैं और मिस्री जनता को मुरसी के राष्ट्रपति बनने की खुशी में अत्तहरीर स्क्वायर खाली नहीं करना चाहिए। याद रहे शेख हाज़िम सलाह अबू इस्माइल भी राष्ट्रपति चुनाव में शामिल थे. उन्होंने कहा कि मुरसी और जनता के बीच जो विश्वास स्थापित हो चुका है  उसे तोड़ना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना देश की सेवा करने के लिए है सत्ता के लिए नहीं। इसलिए कि जिस देश में भी सेना ने सत्ता संभाली है वहां जनता का अधिकारों का पूरी तरह से हनन हुआ है। याद रहे मिस्र में हालिया राष्ट्रपति चुनाव में इस्लामवादियों के उम्मीदवार मोहम्मद मुरसी को सफलता मिली है। मिस्र के इतिहास में यह पहला निर्वाचित राष्ट्रपति है।समाचार समाप्त........166