24 जून 2012 - 19:30

ईरान की सशस्त्र सेनाओं की समिति के प्रमुख सैयद हसन फीरोज़ाबादी ने कहा है कि मिस्र की सत्तारूढ़ सैन्य परिषद की कोई कानूनी और राजनीतिक हैसियत नहीं है....

ईरान की सशस्त्र सेनाओं की समिति के प्रमुख सैयद हसन फीरोज़ाबादी ने कहा है कि मिस्र की सत्तारूढ़ सैन्य परिषद की कोई कानूनी और राजनीतिक हैसियत नहीं है।मेह्र समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सैयद हसन फीरोज़आबादी ने मिस्र के राष्ट्रपति चुनाव की ताज़ा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक और राजनीतिक सरकार की वैधता का स्रोत जनता के वोट होते हैं और मिस्र के सत्तारुढ़ सैनिक परिषद क्योंकि पूर्व तानाशाह हुसनी मुबारक की बनाई हुई है इसलिए यह कानूनी और राजनीतिक हैसियत नहीं रखती है।सैयद हसन फीरोज़ाबादी ने यह बात जोर देकर कही है कि बहरैन के शाही सरकार की भी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है। और क्षेत्र की कुछ अन्य सरकारों की स्थिति भी इसी से मिलती जुलती है। लेकिन विश्व संस्थाएं और विश्व के राजनीतिक अधिकारी इन अवैध सरकारों के लिए चुप्पी साधे हुए हैं। और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी इस संबंध में किसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर रही है।.......166