17 जून 2012 - 19:30

चालीस वर्ष की आयु में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम को औपचारिक रूप से ईश्वरीय दूत की ज़िम्मेदारियां सौंपी गयीं और उन्होंने इस्लाम के प्रचार का काम आरंभ कर दिया

आज भारत व ईरान सहित पूरी दुनिया में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैही व आलेही व सल्लम की पैग़म्बरी की औपचारिक घोषणा की वर्षगांठ मनाई जा रही है। आज के दिन को विश्व भर के मुसलमान ईदे बेअसत के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर विभिन्न देशों में मुसलमान विशेष कार्यक्रम आयोजित करके खुशियां मना रहे हैं। पैगम्बरे इस्लाम हिजरत से ५२ वर्ष पूर्व मक्का नगर में जन्मे थे। उनका पालन पोषण उनके दादा अब्दुलमुत्तलिब ने किया किंतु आठ वर्ष के बाद यह दायित्व उनके चाचा और हज़रत अली अलैहिस्लाम के पिता अबूतालिब ने उठाया। २५ वर्ष की आयु में उन्होंने हज़रत ख़दीजा से विवाह किया जो मक्का नगर की अत्याधिक धनी महिला थीं। चालीस वर्ष की आयु में उन्हें औपचारिक रूप से ईश्वरीय दूत की ज़िम्मेदारियां सौंपी गयीं और उन्होंने इस्लाम के प्रचार का काम आरंभ कर दिया। इस दिन को विश्व भर के मुसलमान ईद के रूप में मनाते हैं।..........166