15 जून 2012 - 19:30

मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाना जायोनियों और उनके सहयोगियों का अंतिम शैतानी हरबा है

भारतीय मुसलमानों ने पवित्र शहर मक्का और मदीना को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है. इरना समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मुसलमान नेताओं ने राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हरमैन शरीफ़ैन सुरक्षा नामक एक सम्मेलन में पवित्र शहरों को नष्ट के लिए ज़ायोनी लॉबी के वर्तमान षाड़यंत्रिक योजनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस बारे में जो समाचार प्राप्त हो रहे हैं उनसे दुनिया के मुसलमान आलम दुखी हुए हैं।इस सम्मेलन के प्रतिभागियों ने कहा कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाना जायोनियों और उनके सहयोगियों का अंतिम शैतानी हरबा है। और इन शहरों को हीरोशीमा और नागासाकी जैसी स्थिति का सामना कराना चाहते हैं जिन्हें अमेरिका ने परमाणु बम मारते नष्ट कर दिया था।भारतीय राजधानी नई दिल्ली में यह सम्मेलन भारतीय धार्मिक संगठनों और मुंबई की रेज़ा अकादमी की ओर से आयोजित हुआ जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से  विभिन्न समुदाय के व्यक्तियों ने भाग लिया।इससे पूर्व अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार आयतुल्लाहिल उज़मा साफ़ी गुलपाएगानी ने आले सऊद और वहाबियत के हाथों पवित्र स्थानों के विध्वंस की तरफ़ इशारा करते हुए कहा था कि जो कुछ आज मक्का व मदीना में हो रहा है उससे इस्लाम को नुक़सान पहुंच रहा है और भविष्य में हम अपने ऐतिहासिक विरासत और  इस्लामिक पुरातत्वों से वंचित हो जाएंगे।   ईरान में पवित्र शहर क़ुम में प्रसिद्ध धर्मविधिज्ञ हज़रत आयतुल्लाह साफ़ी गुलपाएगानी ने मक्का और मदीना में इस्लामी पुरातत्व के ध्वसं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा थाः सऊदी अरब में अगर इसी तरह इस्लामी पुरातत्व गिराए जाते रहे तो भविष्य में जनाबे अब्दुल मुत्तलिब, जनाबे अबूतालिब, जनाबे अबदुल्लाह और अन्य बुजुर्गों की समाधियों का साबित करना मुश्किल हो जाएगा।.........166