ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य ने कहा है कि मिस्री राष्ट्र मुबारक के तत्वों को क्रांति अपहरण करने की अनुमति नहीं देगा। मोहम्मद सालेह जोकार ने पत्रकारों से बातचीत में मिस्री संसद भंग किए जाने और पूर्व तानाशाह के अंतिम प्रधानमंत्री अहमद शफीक को योग्य करार दिए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह कदम अमेरिका और ज़ायोनी शासन की प्रशंसा के लिए किए गए हैं और वास्तव में मिस्र की जनता इन कार्यवाही का कड़ा विरोध करेगी। सालेह जोकार ने कहा कि मिस्र की जनता की क्रांति अपने सभी लक्ष्यों तक नहीं पहुँच सकी है और उसकी वजह कुछ अरब सरकारों की शैतनत है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनी शासन ने सऊदी अरब, कतर और बहरैन के अधिकारियों पर गहरे प्रभाव का उपयोग करते हुए मिस्र में पश्चिमी पिठ्ठुओं को सत्ता में लाने का प्रयास किया है। ..........166
15 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 322689
कि मिस्र की जनता की क्रांति अपने सभी लक्ष्यों तक नहीं पहुँच सकी है और उसकी वजह कुछ अरब सरकारों की शैतनत है........