10 जून 2012 - 19:30

सऊदी अरब ने जब से इराक में शिया मुसलमानों के हाथों में सरकार आई है इराक के खिलाफ घिनौने षड़यंत्र शुरू कर दिए हैं.....

इराक के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने कहा है कि इराक की सरकार के खिलाफ कतर सऊदी अरब और तुर्की के षड़यंत्र विफल हो चुके हैं. राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने शनिवार की रात कहा है कि प्रधानमंत्री नूरी अल मालिकी सरकार के खिलाफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की के षड़यंत्र विफल हो चुके है और प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव चलाने के लिए संसद का कोरम पूरा नहीं हो सका है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो सांसद में नूरी अल मलिकी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव चलाना चाहते थे उनके हस्ताक्षरों की पुष्टि करके वह संसद को पेश करेंगे ताकि राजनीतिक संकट का एक स्वीकार्य रास्ता खोजा जा सके। याद रहे अल-इराकिया समूह सहित कुछ सांसद नूरी अल मलिकी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते थे. याद रहे अल-इराकिया समूह को सऊदी अरब और अमेरिका का समर्थन हासिल है।उधर नजफ़ की जनता ने इराक़ की समस्याओं में सऊदी अरब के हस्तक्षेप की निंदा की है। अल-आलम रिपोर्ट के अनुसार नजफ़ अशरफ़ की जनता ने पिछले दिनों विरोध प्रदर्शन करके इराक़ में उपद्रव फैलाने और राजनीतिक प्रक्रिया खराब करने की सऊदी अरब के षड्यंत्रों की निंदा के।सऊदी अरब ने जब से इराक में शिया मुसलमानों के हाथों में सरकार आई है इराक के खिलाफ घिनौने षड़यंत्र शुरू कर दिए हैं. इराक के सरकारी और गैर सरकारी विभागों का कहना है कि इराक में जारी आतंकवाद सऊदी पैसे से जारी है और सऊदी अरब के  एनटेलीजेन्स प्रमुख इराक में जारी आतंकवाद की हिदायत कर रहे हैं. ज्ञात रहे सऊदी अरब न केवल इराक में बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, यमन, सीरिया और मिस्र में मुसलमानों के नरसंहार में लिप्त है.इससे पूर्व नूरी अल मालिकी सरकार को कमज़ोर करने के लिए, फ़ार्स की खाड़ी में बसे अरब देशों और इराक़ के धर्म निर्पेक्ष राजनीतिज्ञों के षड़यंत्रों के मुक़ाबले में इराक़ के वरिष्ठ धर्मशास्त्रियों (मराजए केराम) ने सख़्त क़दम उठाते हुए नूरी अल मालिकी सरकार के कार्य में बाधा डालने तथा उसे कमज़ोर करने को अवैध तथा हराम क़रार दिया था। इस संदर्भ में इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मशास्त्री आयतुल्लाह काज़िम हाएरी ने इराक़ की वर्तमान सरकार को कमज़ोर करने को हराम कहा था और उनकी ओर से जारी फ़त्वे में कहा गया था कि वर्तमान सरकार को कमज़ोर करना अवैध व हराम है।..........166