ईरानी राष्ट्रपति डॉ. महमूद अहमदी नेज़ाद ने मिस्र में मीडिया के हवाले से काम करने वाली एक टीम के साथ, जो इमाम खुमैनी की तेइस्वीं बरसी में भाग लेने ईरान आई है, बातचीत करते हुए कहा कि मिस्र की जनता के साथ हमें दिली लगाव है क्योंकि ईरान और मिस्र दोनों ही उच्च संस्कृति वाले देश हैं और उन्हें विश्व स्तर पर संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, जिसके कारण हमारे बीच बड़े गहरे सम्बंध पाए जाते हैं। राष्ट्रपति .डॉ. महमूद अहमदी नेजाद ने कहा क्षेत्रीय राष्ट्रों की सभी समस्याओं की जड़ ज़ायोनी शासन और विश्व साम्राज्यवाद है. कई दशक पहले कुछ लोगों ने गलती की और पश्चिमी शक्तियां हमारे क्षेत्र में घुस आईं और इसी प्रकार कुछ दूसरों ने गलती करते हुए उनका साथ दिया और लोगों का साथ देना इस बात का कारण बना कि पश्चिमी शक्तियां एक सदी तक हमारे क्षेत्र पर अपना क़ब्ज़ा जमाए हुए हैं।. अगर आज क्षेत्र में कहीं तानाशाही है और यदि क्षेत्र के देशों में तानाशाह सरकारों और शासकों का राज है तो उसकी जड़ ज़ायोनी शासन है। किन शक्तियों ने तानाशाहों की सहायता की? और यह तानाशाह किन लोगों के साथ गुप्त बैठकों में मिलते थे? और क्षेत्र के तानाशाहों को किन शक्तियों ने हथियारों से लैस किया है? ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को मिस्र के साथ मित्रता पर गर्व है और वह मिस्र के विकास और सफलता को अपनी प्रगति और सफलता समझता है, इसलिए उम्मीद है कि दोनों देश एकता के साथ समाज को सांस्कृतिक व वित्तीय मामलों मे उच्च श्रेणी तक पहुंचाने में महत्व पूर्ण भूमिका अदा करेंगे।...........166
7 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 320834
राष्ट्रपति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज पूरी दुनिया में इमाम खुमैनी (रह) के विचार तेजी के साथ फैल रहे हैं, लोग जाग चुके हैं और देशों के बीच दूरियां घटती जा रही हैं, इन परिस्थितियों में मिस्र जैसे स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश को दूसरों से आगे होना चाहिए और अन्य देशों की अगुवाई करनी चाहिए..........