अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार नूरी अल मालिकी सरकार को कमज़ोर करने के लिए, फ़ार्स की खाड़ी में बसे अरब देशों और इराक़ के धर्म निर्पेक्ष राजनीतिज्ञों के षड़यंत्रों के मुक़ाबले में इराक़ के वरिष्ठ धर्मशास्त्रियों (मराजए केराम) ने सख़्त क़दम उठाते हुए नूरी अल मालिकी सरकार के कार्य में बाधा डालने तथा उसे कमज़ोर करने को अवैध तथा हराम क़रार दिया है। इस संदर्भ में इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मशास्त्री आयतुल्लाह काज़िम हाएरी ने इराक़ की वर्तमान सरकार को कमज़ोर करने को हराम कहा है उनकी ओर से जारी फ़त्वे में कहा गया है कि वर्तमान सरकार को कमज़ोर करना अवैध व हराम है। इस बात का महत्व इस लिए और बढ़ जाता कि इराक़ी जनता की एक बड़ी संख्या आपका अनुसरण करती है और मुक़तदा सद्र भी आप ही के अनुगामी हैं।आयतुल्लाह आसेफी ने भी अपने फ़त्वे में नूरी मालेकी सरकार को गिराने के प्रयास को हराम कहा है चूँकि अगर ऐसा होता है तो लाखों इराक़ियो का ख़ून बर्बाद जाएगा।कल इराक़ के वरिष्ठ धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली सीसतानी ने भी सद्र नेतृत्व को जारी किए जाने वाले अपने बयान में आपसी मतभेद से परहेज़ करने पर बल दिया था।.........166
5 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 320317
इराक़ के वरिष्ठ धर्मशास्त्रियों (मराजए केराम) ने सख़्त क़दम उठाते हुए नूरी अल मालिकी सरकार के कार्य में बाधा डालने तथा उसे कमज़ोर करने को अवैध तथा हराम क़रार दिया है.......