ईरान के वरिष्ठ धार्मिक नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की 23 वीं बरसी के अवसर पर अपने भाषण में कहा कि दुश्मन ईरान के इस्लामी होने से भयभीत है न कि उसके परमाणु कार्यक्रम से। उन्होंने अपने भाषण को जारी रखते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र ने गत 33 वर्षों में साइंस व टेक्नालोजी में चमत्कारिक हद तक विकास किया है और इस्लामी शासन व्यवस्था को समाप्त करने के लिए विश्व साम्राज्य के सभी षड्यंत्रों को विफल बना दिया है। इमाम ख़ुमैनी के मज़ार पर आयोजित होने वाले बरसी के कार्यक्रम में लाखों लोगों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज ईरानी राष्ट्र, इस्लामी क्रांति के आरंभिक वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है और एक बड़ी राजनैतिक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों में उसकी भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। .............166
आतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनईः
पश्चिमी देश ईरान के इस्लामी होने से भयभीत हैं, परमाणु कार्यक्रम से नहीं
2 जून 2012 - 19:30
समाचार कोड: 319711
आज ईरानी राष्ट्र, इस्लामी क्रांति के आरंभिक वर्षों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है और एक बड़ी राजनैतिक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है........