ईरानी विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने आज मिस्र के शरमुश्शैख़ में गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्रियों की बैठक में इस संगठन से ज़ायोनी शासन पर उसके शस्त्रों की समाप्ति के लिए दबाव डालने की मांग की है।इरना की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आज इस बैठक में कहाः ज़ायोनी शासन का परमाणु अप्रसार संधि में शामिल होने से इंकार ही मध्यपूर्व के परमाणु निरस्त्रीकरण के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट है। श्री अली अकबर सालेही ने कहा कि गुट निरपेक्ष की ओर से 2025 तक परमाणु शस्त्रों की समाप्ति के लिए निर्धारित तिथि तभी व्यवहारिक हो पाएगी जब सदस्य देश इस दिशा में गंभीर प्रयास करें। उन्होंने परमाणु अप्रसार संधि के परिप्रेक्ष्य में अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता पर पुनः बल देते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इस समझौते के परिप्रेक्ष्य में अपने परमाणु अधिकार की प्राप्ति का संकल्प रखता है।इससे पूर्व कल रात मिस्र पहुंचने पर अली अकबर सालेही ने बताया कि बैठक में राजनैतिक व आर्थिक क्षेत्र से संबंधित क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय बैठक में छह सौ से अधिक अनुच्छेदों पर आधारित मसौदे पर चर्चा होगी और इसे अंतिम अनुमोदन के लिए इस वर्ष तेहरान में होने वाले गुट निरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन में पेश किया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद दूसरे सबसे बड़े संगठन के रूप में गुट निरपेक्ष आंदोलन के महत्व पर बल दिया और कहा कि देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न किया जाना, संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार और पूर्व आक्रमण को रोकने जैसे बड़े मुद्दों के लिए इस आंदोलन ने प्रयास किया। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष भी इस बैठक में भाग ले रहे हैं
8 मई 2012 - 19:30
समाचार कोड: 314049
ईरानी विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने आज मिस्र के शरमुश्शैख़ में गुट निरपेक्ष आंदोलन के मंत्रियों की बैठक में इस संगठन से ज़ायोनी शासन पर उसके शस्त्रों की समाप्ति के लिए दबाव डालने की मांग की है.....