योरोपीय संसद ने बहरैन में सउदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के सैन्य हस्तक्षेप की निंदा करते हुए बहरैनी शासक से सभी राजनैतिक बंदियों को बिना शर्त रिहा करने तथा नागरिकों की गिरफ़तारी और उनका दमन तथा हिंसा रोकने की मांग की है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि एक वर्ष से अधिक समय तक मौन धारण किए योरोपीय संघ ने इसलिए बहरैनी शासन से राजनैतिक बंदियों की रिहाई की मांग की है क्योंकि बहरैन में जनक्रान्ति सफलता के बहुत निकट पहुंच गयी है। अलआलम की रिपोर्ट के अनुसार योरोपीय संसद में बहुमत से पारित इस प्रस्ताव में बहरैनी शासन से मांग की गयी है कि वह इस देश की क्रान्ति के किसी समुदाय विशेष की क्रान्ति दर्शाने का प्रयास न करे। इसी प्रकार बहरैनी शासक शैख़ हमद से किसी भी विदेशी हस्तक्षेप से पहले विपक्ष के साथ राजनैतिक समाधान की प्राप्ति के लिए वार्ता करने की मांग की गयी है। योरोपीय संसद ने इसी प्रकार अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, स्वीडन सहित कुछ दूसरे देशों से बहरैन को उस समय तक हर प्रकार के सैन्य, सुरक्षा व निरीक्षण संबंधी उपकरण न बेचने की अपील की है जब तक बहरैनी शासक इस देश में सुधार कार्यक्रम लागू नहीं करता। योरोपीय संसद ने इसी प्रकार फ़ार्स खाड़ी सहकारिता परिषद के बहरैन में हस्तक्षेप पर चिंता जताई और इस देश तथा फ़ार्स खाड़ी से अमरीका के पांचवे बेड़े के बाहर निकलने की मांग की। ....... 166
16 मार्च 2012 - 20:30
समाचार कोड: 303264
योरोपीय संसद ने बहरैन में सउदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के सैन्य हस्तक्षेप की निंदा.....