7 मार्च 2012 - 20:30

बहरैन की सत्ता पर दशकों से क़ब्ज़ा जमाए आले ख़लीफ़ा शासन के अन्याय के विरुद्ध पूरे बहरैन में जनता सड़कों पर निकली......

बहरैन की सत्ता पर दशकों से क़ब्ज़ा जमाए आले ख़लीफ़ा शासन के अन्याय के विरुद्ध पूरे बहरैन में जनता सड़कों पर निकली। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार कल रात विख्यात बहरैनी सामाजिक कार्यकर्ता नबील रजब ने राजधानी मनामा के निकट मेक़शा में शासन विरोधी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस बीच कल बहरैन में जनता ने मोहम्मद इब्राहीम की याद में मोमबत्ती जलाकर रत्जगा किया जिन्हें जनवरी में सउदी समर्थित आले ख़लीफ़ा शासन के सैनिकों ने शहीद कर दिया। इसी प्रकार पूर्वी बहरैन के नबी सालेह गांव में भी रात में बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें जनता ने बहरैन के विपक्षी नेताओं के प्रति अपनी एकजुटता दर्शाई। बहरैन में जनता ने शुक्रवार को महाविरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। ज्ञात रहे बरहैन में पिछले वर्ष फ़रवरी से जनता आले ख़लीफ़ा शासन से सत्ता से हटने की मांग को लेकर निरंतर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है। चौदह मार्च 2011 को सउदी अरब और संयुक्त अरब इमारात ने मनामा के अनुरोध पर बहरैनी सुरक्षा बलों की सहायता के लिए अपने सुरक्षा बल बहरैन रवाना किए। उस समय से अब तक सउदी समर्थित दमन के दौरान बड़ी संख्या में आम लोग शहीद हो गए और गिरफ़तार किए गए हैं।...........166