बहरैन में जनता ने अपनी प्रजातांत्रिक मांगों पर बल देने के लिए एक सप्ताह का प्रतिदिन बैठ कर विरोध प्रदर्शन आरंभ कर दिया है जिसमें हज़ारों की संख्या में बहरैनी जनता भाग ले रही है। शुक्रवार को राजधानी मनामा के पश्चिम में सात किलोमीटर दूरी पर स्थित अलमक़शा गांव के स्वतंत्रता स्कवाएर पर बड़ी संख्या में बहरैनी जनता एकत्रित हुयी। जनता ने इस देश की सत्ता पर दशकों से क़ब्ज़ा जमाए आले ख़लीफ़ा शासन के विरुद्ध नारे लगाए। बहरैनी जनता ऐसे बैनर उठाए हुए थी जिस पर आले ख़लीफ़ा वंश को उखाड़ फेंकने तथा हमद मुर्दाबाद के नारे लिखे हुए थे। विरोध प्रदर्शन के आयोजनकर्ताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन एक सप्ताह के दौरान हर दिन दोपहर के बाद से आधी रात तक जारी रहेगा। आले ख़लीफ़ा शासन के समर्थक सुरक्षा बल बहरैन में शासन विरोधी शातिपूर्ण प्रदर्शन को तितर बितर करने के लिए बहुत अधिक आंसू गैस और ग्रेनेड का प्रयोग कर रहे हैं। आवासीय इलाक़ों व घरों में बहरैनी सुरक्षा बलों की ओर से फ़ायर किए गए विषैले आंसू गैस के गोले के कारण अनेक बहरैनी नागरिक जिनमें अधिकांश वरिष्ठ नागरिक व बच्चे हैं दम घुटने से शहीद हो गए। बहरैन में विषैले आंसू गैस के गोले अमरीका ने भेजे हैं। ज्ञात रहे बरहैन में मध्य फ़रवरी 2011 से राजनैतिक सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण क्रान्ति आरंभ हुयी किन्तु शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर आले ख़लीफ़ा शासन के अत्याचार के कारण अब जनता उसे सत्ता से हटाने की अपनी मांग पर डट गयी है।
3 मार्च 2012 - 20:30
समाचार कोड: 300448
बहरैन में जनता ने अपनी प्रजातांत्रिक मांगों पर बल देने के लिए एक सप्ताह का प्रतिदिन बैठ कर विरोध प्रदर्शन आरंभ कर दिया है जिसमें हज़ारों की संख्या में बहरैनी जनता भाग ले रही है.......