ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र परमाणु शस्त्र नहीं बनाना चाहता और वह यह बात सिद्ध कर देगा कि परमाणु शस्त्र, शक्ति का स्रोत नहीं है।आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख और अन्य अधिकारियों से भेंट में कहा कि अपनी योग्यताओं तथा मानवीय व प्राकृतिक क्षमताओं पर भरोसा करने वाला राष्ट्र, परमाणु शस्त्रों की शक्ति से संपन्न देश को पराजित करने में सक्षम है। उन्होंने विज्ञान व तकनीक में ईरान की प्रगति को देश के भविष्य और राष्ट्रीय हितों से संबंधित बताया और कहा कि कुछ देश, जिन्होंने विज्ञान पर अपने अधिपत्य के माध्यम से स्वयं को संसार पर थोप रखा है और जो स्वयं को विश्व समुदाय का नाम देते हैं, राष्ट्रों द्वारा अपने वैज्ञानिक अधिपत्य को समाप्त किए जाने से भयभीत हैं और इसी लिए वे ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध हो हल्ला कर रहे हैं। वरिष्ठ नेता ने वर्चस्ववादियों द्वारा विज्ञान व तकनीक के प्रयोग को मानवता के विरुद्ध सबसे बड़ा अपराध बताया और कहा कि यदि सभी राष्ट्र स्वाधीनता के साथ विज्ञान व तकनीक के सभी क्षेत्रों तथा परमाणु, अंतरिक्ष व औद्योगिक मैदान में प्रगति करें तो बड़ी शक्तियों का वर्चस्ववाद स्वयं ही समाप्त हो जाएगा। आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि निश्चित रूप से हमारे विरोधी देशों के नीति निर्धारक यह बात भली भांति जानते हैं कि ईरान परमाणु शस्त्र बनाने का प्रयास नहीं कर रहा है क्योंकि इस्लामी गणतंत्र ईरान वैचारिक, धार्मिक और मानवीय दृष्टि से परमाणु शस्त्र रखने को बहुत बड़ा पाप समझता है और उसका मानना है कि इस प्रकार के शस्त्र रखना निरर्थक और घातक है।......166
21 फ़रवरी 2012 - 20:30
समाचार कोड: 298184
ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र परमाणु शस्त्र नहीं बनाना चाहता और वह यह बात सिद्ध कर देगा कि परमाणु शस्त्र, शक्ति का स्रोत नहीं है......