14 फ़रवरी 2012 - 20:30

दिल्ली में पिछले दिनों इज़राईली राजनयिक की गाड़ी पर हुए हमले के लिए इज़राईली प्रधानमंत्री द्रारा ईरान को ज़िम्मेदार क़रार दिए जाने और इस्लामी देश को दुनिया में अतंकवादी क़रार देने को मुस्लिम ओलमा और तंज़ीमों ने सख़्त विरोध किया ۔۔۔۔

दिल्ली में पिछले दिनों इज़राईली राजनयिक की गाड़ी पर हुए हमले के लिए इज़राईली प्रधानमंत्री द्रारा ईरान को ज़िम्मेदार क़रार दिए जाने और इस्लामी देश को दुनिया में अतंकवादी क़रार देने को मुस्लिम ओलमा और तंज़ीमों ने सख़्त विरोध किया है। उनका कहना है कि आज जो मुल्क पूरी दुनिया में आतंकवाद की निशानी बन गए हैं वही ईरान को आतंकवादी कह रहे हैं क्योंकि ईरान ही उनके रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है। मौलाना हमीदुल हसन ने कहा कि आजकल अगर कोई चिड़िया भी बर्फ़बारी में मर जाती है तो इज़राईल और अमेरिका को उसमें ईरान का हाथ नज़र आता है। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि इज़राईल ने स्वयं इस कार्यवाही को अन्जाम दिया है ताकि ईरान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ जाए और संयुक्त राष्ट्र के द्रारा उस पर पाबंदियां लगा दी जाएं। उन्होने कहा कि इज़राईल अन्तर्राष्ट्रीय भाईचारे का ध्यान ईरान के साइंटिस्ट के ख़त्ल की ओर से भी मोड़ना चाहता है क्योंकि उसमें उसी का नाम आ रहा है। मौलाना ने इल्ज़ाम लगाया कि इज़राईली सिफ़ारतकारों पर हुए हम्ले में प्रयोग नये हथियार ख़ुद इज़राईल ने ही सप्लाई किये हैं और इसकी जांच होनी चाहिए लेकिन केन्द्रीय सरकार की अमेरिका और इज़राईल के दबाव में होने के कारण जांच की हिम्मत नहीं है। सुन्नी धर्म गुरू फ़ज़लुर्रहमान वायज़ी नें कहा कि ईरान को दहशतगर्द कहने वाला ख़ुद सबसे बड़ा दहशतगर्द है।  ۔۔۔۔۔۔۔۔166