6 फ़रवरी 2012 - 20:30

अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में ईदे मिलादुन्नबी का उत्सव बड़ी ही श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया और प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू मौलाना मंज़र सादिक़ और दूसरे शिया उल्मा की इस प्रोग्राम में शिरकत मुस्लिम एकता की सूचक थी.....

अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में ईदे मिलादुन्नबी का उत्सव बड़ी ही श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया और प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू मौलाना मंज़र सादिक़ और दूसरे शिया उल्मा की इस प्रोग्राम में शिरकत मुस्लिम एकता की सूचक थी।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के सदस्य और प्रसिद्ध शिया धर्मगुरू मौलाना मंज़र सादिक़ ने लोगो कों सम्बोधित करते हुए कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम का चरित्र मुसलमानों के मध्य एकता का आधार होना चाहिए और मुसलमानों के मध्य मतभेद पैदा करने वाला चाहे किसी भी समुदाय से सम्बंध रखता हो निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक समस्याओं का समाधान वार्ता द्वारा किया जाना चाहिए और ज्ञानात्मक वार्तालाप सदैव होता रहा है और इसे जारी भी रहना चाहिए ताकि वास्तविकता के इच्छुक पैग़म्बरे इस्लाम द्वारा प्रस्तुत किए गए वास्तविक मार्गों तक पहुंच सकें।

ज्ञात रहे कि सुन्नी समुदाय के दृष्टिकोण के अनुसार बारह रबीउल अव्वल जबकि शीया समुदाय के अनुसार 17 रबीउल अव्वल को पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैह व आलेही व सल्लम का शुभ जन्म हुआ था। इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने 12 से 17 रबीउल अव्वल के बीच के दिनों को एकता सप्ताह घोषित किया है।

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