दिल्ली के ज़ोरबाग़ स्थित करबला शाहे मरदां में चेहलुम के दिन अज़ादारों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मजलिसे उल्मा-ए-हिन्द के तत्वावधान में बड़े इमामबाड़े में आसिफ़ी मस्जिद के बाहर विशाल प्रदर्शन किया गया जिसमें हज़ारों लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शन का नेत्रत्व मजलिसे उल्मा-ए-हिन्द के महासचिव और इमामे जुमा लखनऊ, मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने किया। प्रदर्शन के दौरान मौलाना ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अन्दर दिल्ली सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो पूरे देश में कांग्रेस मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होने कही कि दिल्ली के ज़ोरबाग़ स्थित करबला शाहे मरदां का मुसलमानों के लिए काफ़ी महत्व है। दरगाह में हज़रत अली के पदचिन्ह और दुख़्तरे रसूल की चक्की है, जिसके चलते मुसलमानों में इसके प्रति काफी श्रद्धा है और ऐसी पवित्र जगह की बेहुरमती नहीं होने दी जाएगी। मौलाना ने कहा कि करबला का क्षेत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निर्वाचन क्षेत्र में आता है और वोटों की लालच में बेगुनाहों पर अत्याचार किया जा रहा है और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी उस पर अमल नहीं हो रहा है। उन्होने कहा कि दिल्ली की कांग्रेस सरकार ने एक और अन्याय यह किया है कि वर्ष 2012 के दिल्ली सरकार के गजट में 10 मुहर्रम की छुट्टी नहीं है। प्रदर्शन के दौरान लोग दिल्ली सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे और हाथों में कांग्रेस विरोधी नारे लिखी तख़्तियां लिए हुए थे। ........166
3 फ़रवरी 2012 - 20:30
समाचार कोड: 294589
प्रदर्शन के दौरान मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अन्दर दिल्ली सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो पूरे देश में कांग्रेस मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा