लखनऊ में हर साल की तरह इस साल भी 8 रबीउल् अव्वल को इमामबाड़ा नाज़िम साहब से चुप ताज़िये का जुलूस अक़ीदत व एहतेराम के साथ निकाला गया। जुलूस अपने निर्धारित समय, सुबह की नमाज़ के बाद निकाला गया। जुलूस से पहले एक मजलिस का आयोजन भी किया गया। मजलिस के उपरान्त जुलूस अपने निर्धारित मार्ग शिया कालेज, अकबरीगेट, नक्ख़ास तिराहा, टूरियागंज, अशर्फ़ाबाद से होता हुआ यतीमख़ाने के सामने से होता हुआ रौज़ए काज़मैन पहुँचा। अय्यामे अज़ा का आख़िरी दौर होने के कारण लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में मजलिसों और अज़ादारी का सिलसिला बहुत ही जोश के साथ जारी है। यहां पर यह याद रखना ज़रूरी है कि हिन्दुस्तान में अज़ादारी का सिलसिला 1 मुहर्रम से प्रारम्भ होकर 8 रबीउल् अव्वल तक चलता है। इसी सिलसिले में शिया यतीम ख़ाने में रहने वाले बच्चों की ओर से भी एक मजलिस का आयोजन किया गया जिसके उपरान्त अज़ादारों ने नौहा ख़ानी व सीना ज़नी की। ۔۔۔۔۔۔۔۔166
1 फ़रवरी 2012 - 20:30
समाचार कोड: 294260
अय्यामे अज़ा का आख़िरी दौर होने के कारण लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में मजलिसों और अज़ादारी का सिलसिला बहुत ही जोश के साथ जारी है۔۔