19 जनवरी 2012 - 20:30

ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने परमाणु वैज्ञानिकों शहीद अहमदी रौशन और शहीद रेज़ाई नेजाद के घर जाकर उनके परिजनों को सांत्वना दी।

ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने परमाणु वैज्ञानिकों शहीद अहमदी रौशन और शहीद रेज़ाई नेजाद के घर जाकर उनके परिजनों को सांत्वना दी।

 


इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने इन मुलाक़ातों में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की तीव्र गति से जारी उन्नति के कारण विश्व साम्राज्यवाद और अंतर्राष्ट्रीय ज़ायोनीवाद ने ईरानी जनता के विरुद्ध अपनी शत्रुता भी तेज़ कर दी है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन युवा वैज्ञानिकों की शहादत इस्लाम के विकास व उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रान्ति की सफलता के बाद शत्रु ईरान पर जो सबसे बड़ा आरोप लगाते थे वह यह था कि ईरान में विज्ञान एवं तकनीक का मार्ग अब बंद हो गया है किंतु ईरान के युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से तथा विज्ञान के क्षेत्र में अपने पांव जमाकर शत्रुओं के इन निराधार आरोपों का मुंह तोड़ जवाब दे दिया। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने ईरानी वैज्ञानिकों की हत्या
की शत्रुओं की योजनाओं को इन वैज्ञानिकों की महानता और उपयोगिता का चिन्ह बताया और कहा कि इससे सिद्ध होता है कि इन युवाओं ने कितने महान कारनामे किए हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इस समय मुस्लिम राष्ट्रों और पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
ज्ञात रहे कि गत 11 जनवरी को अमरीका और इस्राईल के एजेंटों ने ईरान के युवा परमाणु वैज्ञानिक मुसतफ़ा अहमदी रौशन को तेहरान में बम का धमाका करके शहीद कर दिया। इससे पहले इस्राईली और अमरीकी एजेंट ईरान के अन्य परमाणु वैज्ञानिकों मसऊद अली मोहम्मदी, मजीद शहरयारी और दारयूश रेज़ाईनेजाद को भी शहीद कर चुके हैं।

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