तेहरान में केन्द्रीय जुमा की नमाज़ के भाषण में आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने साम्राज्यी व ज़ायोनी शक्तियों के एजेन्टों के हाथों ईरानी परमाणु वैज्ञानिक की हत्या की आलोचना की है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने तेहरान में जुमा की नमाज़ के दौरान अपने भाषण में इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था से शत्रुओं के द्वेष की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस राष्ट्र के शत्रु ईरान की प्रगति व विकास के विरोधी हैं और ईरानी वैज्ञानिकों की हत्या करके वे हमारे देश की स्वाधीनता को हानि पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने मुस्तफ़ा अहमदी रौशन की हत्या पर संवेदना प्रकट करते हुए ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के ज़िम्मेदारों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में क़ानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग की है। आयतुल्लाह इमामी काशानी ने कहा कि विश्व साम्राज्यी शक्तियां, क्षेत्र के हालिया इस्लामी आंदोलनकों का स्रोत ईरान को समझती हैं और इसी लिए इस्लामी ध्रुव के विरुद्ध कार्यवाहियां कर रही हैं। उन्होंने इस बात का वर्णन करते हुए कि ईरान की वैज्ञानिक प्रगति ने शत्रुओं को भयभीत कर दिया है, लोगों को शत्रुओं की षडयन्त्रों की ओर से सचेत रहने की सिफारिश की और कहा कि संसदीय चुनावों में जनता की भारी उपस्थिति शत्रुओं के षडयन्त्रों का क्रम रोक देगी।

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