लेबनान के ओलमाए मुसलमीन संघ के सदस्य ने बहरैन में बीस मस्जिदों के ध्वस्त किए जाने को धर्म विरोधी कार्यवाही बताया। शैख़ माहिर ने अलआलम टीवी चैलन से बात करते हुए कहा कि बहरैन में जो कुछ हो रहा वह मुसलमानों के मुख्य शत्रु अमेरिका और ज़ायोनी शासन की मांगों के अनुसार हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, अशांति और अस्थिरता द्वारा नये मध्य के गठन में विफल होने के बाद एक बार फिर नये मध्यपूर्व की नीति पर कार्य करने का प्रयास कर रहा है और इस बार उनसे इस नीति के लिए मुसलमानों के मध्य मतभेद उत्पन्न करने का हथकंडा अपनाया है। दूसरी ओर अलवेफ़ाक़ पार्टी के प्रमुख अब्दुल जलील ने बताया कि बहरैन में आले खलीफ़ा सरकार ने बीस मस्जिदों को निर्माण लाइसेंस न होने के कारण धवस्त कर दिया और वर्तमान समय में बहरैन की सबसे बड़ी मस्जिद के निर्माण में अकारण ही बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।
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