29 दिसंबर 2011 - 20:30

तेहरान में आज जुमा की नमाज़ के भाषण में सैयद अहमद ख़ात्मी ने तीस दिसम्बर दो हज़ार नौ के प्रदर्शनों को इस्लामी क्रांति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय कहते हुए बल दिया ....

तेहरान में आज जुमा की नमाज़ के भाषण में सैयद अहमद ख़ात्मी ने तीस दिसम्बर दो हज़ार नौ के प्रदर्शनों को इस्लामी क्रांति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय कहते हुए बल दिया है कि तीस दिसम्बर कर्बला की दूरदर्शिता का प्रदर्शन है। तेहरान विश्वविद्यालय में जुमा की नमाज़ के दौरान भाषण देते हुए आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने २००९ में राष्ट्रपति चुनाव के बाद घटने वाली घटनाओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान के कट्टर शत्रुओं के शिविर ने, असमाजिक तत्वों का खुल कर और भरपूर रूप से समर्थन किया था और अमरीका ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि ईरान में एक इतिहासिक हंगामा होने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान में हंगामा फैलाने वालों की ओर से चुनाव में धांधली के आरोप से पहले अमरीकी विदेशमंत्री भी यह बात कह चुकी थीं कि ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई है। आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने क्षेत्र के राजनीतिक परिवर्तनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह परिवर्तन पूर्ण रूप से एक इस्लामी आंदोलन हैं और मुसलमान जनता के दिलों की आवाज़ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के परिवर्तनों के बारे में अमरीकियों के अनुमान और विश्लेषण निराधार हैं क्योंकि इस्लामी चेतना की लहर ने उन्हें आश्चर्य में डाल दिया है। तेहरान के इमामे जुमा ने स्पष्ट किया कि इस्लाम के आधार पर एक नया मध्य पूर्व जनम लेने वाला है।

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