मिस्र के 23 विधि संगठनों ने प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध सत्ताधारी सैन्य परिषद के बर्बर रवैए की आलोचना की है।सूचना के अनुसार मिस्र के 23 विधि संगठनों ने एक बयान में कहा है कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हिंसक व्यवहार तत्काल रुकना चाहिए और अब तक होने वाली घटनाओं की निष्पक्ष एवं न्यायपूर्ण जांच कराई जानी चाहिए। बयान में कहा गया है कि दमनकारी कार्यवाहियों से क्रान्तिकारियों को न्याय, स्वतंत्रता और प्रतिष्ठा की मांग से रोका नहीं जा सकता। मिस्र में राष्ट्रपति चुनाव के संभावित प्रत्याशी मोहम्मद अलबरादेई ने भी सैन्य परिषद की आलोचना की है और प्रदर्शनकारियों पर आक्रमणों का दोष न लेने की उसकी नीति को अस्वीकार्य बताया है। ज्ञात रहे कि मिस्र में सैन्य परिषद के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं और जनता की मांग है कि सेना तत्काल सत्ता राजनैतिक दलों के हवाले करे।उधर हज़ारों मिस्री महिलाओं ने प्रदर्शनकारियों पर सैनिकों के आक्रमण के विरोध में प्रदर्शन किए। महिलाएं मंगलवार को राजधानी क़ाहेरा के अत्तहरीर स्क्वायर पर एकत्रित हो गईं और उन्होंने सैन्य परिषद के विरुद्ध जमकर नारेबाज़ी की।
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