मिस्र में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों और सैनिकों के आक्रमण में मरने वालों संख्या बढ़कर 8 हो गई है और 299 अन्य घायल हुए हैं। मंत्रीमंडल की इमारत के बाहर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों में से एक की पुलिस ने गुरूवार को पिटाई कर दी जिसके बाद झड़पें आरंभ हो गईं जो शुक्रवार को दिन भर जारी रहीं। झड़पों का समाचार फैलते ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजधानी क़ाहेरा की अनेक सड़कों पर निकल पड़े।मिस्र के लोकप्रिय संगठन इख़वानुल मुसलेमीन ने एक बयान जारी करके घटना की निंदा की और कहा कि जब भी सेना से सत्ता हस्तांतरित किए जाने के लिए वातावरण अनुकूल होता है कुछ तत्व ऐसी हिंसक कार्यवाहियां कर देते हैं जिससे यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि इस समय भी चुनावों के अवसर पर इस घटना का घटित होना संदेहास्पद है। संगठन ने अपने बयान में कहा कि सैन्य परिषद की ओर से नियुक्त प्रधानमंत्री कमाल जन्ज़ूरी ने वचन दिया था कि प्रदर्शन करना जनता का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों पर एक भी गोली नहीं चलेगी किंतु शुक्रवार की घटना उनके वचन का खुला उल्लंघन है।मिस्र में जनक्रान्ति सफल हो चुकी है किंतु सेना ने सत्ता पर क़ब्जा जमा रखा है जिससे जनता क्षुब्ध है और प्रदर्शनों का क्रम फिर आरंभ हो गया है।
......
166