अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई भविष्य पर जर्मनी के बोन नगर में आयोजित बोन सम्मेलन में सम्मिलित होने के बाद सरकारी स्तर पर जर्मनी के अधिकारियों से वार्ता में व्यस्त थे। परन्तु जैसे ही उन्हें राजधानी काबुल और मजार ए शरीफ में मंगलवार को मुहर्रम के मौके पर वहाबी आतंकियों द्वारा शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर किए गए बम विस्फोटों की सूचना मिली तुरन्त वार्ता को स्थगति करते हुए स्वदेश रवाना हो गए।
उन्होंने जारी अपने बयान में कहा कि यह कार्य उन शत्रुओं का है जो नहीं चाहते हैं कि अफ़ग़ानी कभी भी इस्लामी झंडे के नीचे एकत्र हों।
बोन सम्मेलन से स्वदेश वापसी पर आज सुरक्षा अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर कल काबुल और मज़ारे शरीफ़ में हुए विस्फोटों का विवरण मांगा जिसमें लगभग साठ व्यक्ति शहीद हुए। कल जिस समय अफ़ग़ानिस्तान में आशूर के दिन शोक मना रहे शिया श्रद्धालुओं को भीषण विस्फोट में निशाना बनाया उस समय अफ़ग़ान राष्ट्रपति जर्मनी में थे। पाकिस्तान के वहाबी आतंकवादी गुट लश्करे झंगवी ने इस आतंकवादी हमले की ज़िम्मेदारी ली है।
ज्ञात रहे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और मजार ए शरीफ में मंगलवार को मुहर्रम के मौके पर वहाबी आतंकियों द्वारा शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर किए गए बम विस्फोटों में कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए थे।
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