30 नवंबर 2011 - 20:30

स्वंय ब्रिटेन कई बार लंदन में ईरानी दूतावास की रक्षा में विफल रहा है...

तेहरान में ब्रितानी दूतावास की घटना पर ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय नियम का उल्लेख किया जबकि स्वंय ब्रिटेन कई बार लंदन में ईरानी दूतावास की रक्षा में विफल रहा है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार ब्रितानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वियना कन्वेन्शन सहित अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के अंतर्गत ईरानी सरकार की अपने देश में कूटनयिकों और उच्चायोगों की रक्षा का स्पष्ट दायित्व है और हम उनसे स्थिति को नियंत्रण में करने तथा अपने कर्मचारियों और संपत्ति की रक्षा की आशा करते हैं। ज्ञात रहे इस्लामी गणतंत्र ईरान के विरुद्ध ब्रिटेन के शत्रुतापूर्ण व्यवहार से क्रोधित छात्रों का एक गुट मंगलवार को ब्रितानी नीतियों पर आक्रोश जताने के लिए तेहरान में ब्रितानी दूतावास में प्रविष्ट हो गया था। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कुछ छात्रों के इस क़दम को अस्वीकार्य व खेदजनक बताया और और बल दिया कि ईरानी सरकार वियना कन्वेन्शन के अंतर्गत कूटनयिक मिशनों की रक्षा पर प्रतिबद्ध है। ज्ञात रहे तेहरान में यह घटना ऐसे समय हुयी जब विगत में लंदन में ईरानी दूतावास पर आक्रमण किए गए तो ब्रितानी सरकार ने इस कन्वेन्शन पर प्रतिबद्ध की बार बार अवहेलना की थी। तीस अप्रैल वर्ष 1980 में छह बंदूक़धारियों के एक गुट ने जिसका संबंध ईरान विरोधी आतंकवादी गुट एमकेओ से था, लंदन में ईरानी दूतावास पर आक्रमण करके अधिकांश कर्चारियों सहित 26 व्यक्तियों को तीस अप्रैल से 5 मई तक बंधक बनाए रखा था। ब्रितानी वायु सेना की विशेष टुकड़ी की कार्यवाही से ईरानी दूतावास की घेराबंदी का अंत हुआ था। इस घटना से पूर्व ईरानी दूतावास ने ब्रितानी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरानी मिशन को सुरक्षा मुहैया करने के लिए आवश्यक उपाय करने की मांग की थी। लंदन में ईरानी दूतावास पर आक्रमण की घटना ब्रितानी विदेश मंत्रालय की ओर से ईरानी कूटनयिकों को मिशन की सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के केवल दो दिन बाद घटी थी। 2008 में लंदन में ईरानी दूतावास पर एक पेट्रोल बम फेंका गया था जिसकी जांच स्काटलैंड यार्ड ने आरंभ तो की किन्तु इसकी प्रगति का आज तक पता न चल सका कि वह कहां तक पहुंची। वर्ष 2009 में ईरान के राष्ट्रपति पद के चुनाव के पश्चात लंदन में कई बार ईरानी दूतावास को निशाना बनाया गया। मई 2010 में उपद्रवियों के एक गुट ने लंदन में एक बार फिर ईरानी दूतावास को निशाना बनाते हुए इसकी इमारत की खिड़कियों को तोड़ डाला और संपत्ति को क्षति पहुंचायी थी।

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