मिस्र में कल संसदीय चुनाव के पहले चरण के मतदान में जनता की भव्य भागीदारी के दृष्टिगत मतदान का समय दो घंटे और बढ़ाया गया। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार कल जब मतदाता मतदान केन्द्रों की ओर बढ़े तो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुछ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी हुए। हालिया रिपोर्ट के अनुसार इख़्वानुल मुसलेमीन और उसके घटक दलों की आम चुनावों में अधिक प्रभावी उपस्थिति की संभावना है। इन दलों पर मुबारक के शासन काल में प्रतिबंध लगा हुआ था। मिस्र में लगभग चार करोड़ नागरिकों को मताधिकार प्राप्त है। इस चुनाव को सैन्य शासन द्वारा सत्ता को नागरिक सरकार के हवाले करने की दिशा में पहला क़दम समझा जा रहा है।इस बीच समाचार एजेंसी फ़ार्स की रिपोर्ट के अनुसार कल क़ाहेरा के ऐतिहासिक अत्तहरीर मैदान पर कैंप लगाए क्रान्तिकारी मिस्री जनता ने कैंपों को सुरक्षित रखने के लिए स्वयं को कई गुटों में बांटा और फिर बारी बारी मतदान केन्द्रों में जाकर मतदान किया। इस रिपोर्ट के अनुसार सैन्य परिषद की ओर से नियुक्त प्रधान मंत्री अलजन्ज़ूरी के सरकारी इमारत में प्रवेश को रोकने के लिए अत्तहरीर मैदान और मिस्री सरकार की इमारत के सामने कई दिनों से कैंप लगाए मिस्री जनता ने स्वयं को कई गुटों में विभाजित किया और हड़ताल को तोड़े बिना बारी बारी संसदीय चुनाव के मतदान में भाग लिया। मिस्री क्रान्तिकारियों ने सुरक्षा बलों द्वारा उनके कैंपों पर अतिग्रहण व क्रान्तिकारियों के बीच फूट डालने के कुप्रयास को विफल बनाने के लिए बारी बारी मतदान में भाग लेने का निर्णय लिया था।
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