तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमा आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने अमरीका को परमाणु शस्त्रों का प्रयोग करने वाला अपराधी बताया और कहा कि ईरान को महान जनसमर्थन प्राप्त है और उसे परमाणु शस्त्रों की आवश्यकता नहीं है। तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने कहा कि तेहरान के विरुद्ध वाशिंग्टन की अगुवाई में पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद ईरान शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए अपनी परमाणु गतिविधियां जारी रखेगा।आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने ईरान के विरुद्ध एक के बाद दूसरे प्रस्ताव को अमरीका तथा उसके घटकों की बौखलाहट का चिन्ह बताया और कहा कि शत्रु को यह याद रखना चाहिए कि ईरान परमाणु तकनीक के नागरिक उपयोग के संबंध में अपने सैद्धान्तिक दृष्टिकोण से एक क्षण के लिए भी पीछे नहीं हटेगा। तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने ईरान के वरिष्ठ कमांडरों की हत्या करने की अमरीकी योजना के बारे में कहा कि यह अमरीका और उसके घटकों के भय और बौखलाहट का चिन्ह है, शत्रुओं को संभवतः यह याद नहीं है कि इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान और स्वयंसेवी बल बसीज के जवान शहादत से प्रेम करते हैं। उन्होंने बसीज सप्ताह की ओर संकेत किया और इस संगठन को स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी की यादगार बताते हुए कहा कि बसीज के वृक्ष ने हमेश और विशेष रूप से आठ वर्षीय युद्ध के दौरान ईरानी जनता को अपना मीठा फल दिया है।तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने अमरीका में 99 प्रतिशत जनता की मांगों को इस देश की सरकार द्वारा उपेक्षित रखे जाने को खुला हुआ अत्याचार बताया। आयतुल्लाह जन्नती ने अमरीका तथा अन्य देशों में पूंजीवादी व्यवस्था के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे लोगों की हत्या और पिटाई को पश्चिमी सरकारों के झूठ और दिखावे का प्रमाण बताते हुए कहा कि इस समय अमरीका और उसके सहयोगियों का असली चेहरा और खुलकर सामने आ गया है। आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने सऊदी अरब की शाही सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि उचित होगा कि आप लोग भी होश में आ जाइए, जनता की मांगों का सम्मान कीजिए ताकि आपका भी अंजाम क्षेत्र के फ़िरऔनों जैसा न हो।तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने बहरैन की हालिया घटनाओं को अत्यंत हृदय विदारक बताया और कहा कि बहरैन की आले ख़लीफ़ा सरकार आले सऊद के सहयोग से एसे काम कर रही है जिससे उसे बहुत बड़ा नुक़सान पहुंचेगा।आयतुल्लाह अहमद जन्नती ने मोहर्रम का महीना निकट आ जाने का हवाला देते हुए कहा कि इमाम हुसैन और उनके परिजनों का शोक पूरी श्रद्धा के साथ भव्य रूप में मनाया जाना चाहिए।
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