20 नवंबर 2011 - 20:30

लखनऊ स्थित वक़्फ़ दरगाह हज़रत अब्बास में पिछले दिनों नवगठित कमेटी व पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद.......

भारत से अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ स्थित वक़्फ़ दरगाह हज़रत अब्बास में पिछले दिनों नवगठित कमेटी व पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद के उपरान्त दरगाह में आयोजित जलसे में लोगों को सम्बोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने आपस में प्यार-मुहब्बत और हमदर्दी का आह्वान किया। मौलाना ने कहा कि क़ुरान में है कि मुसलमान आपस में भाई-भाई हैं और अगर ऐसा नहीं है तो मोमिन नहीं है। मोमिन होने की शर्त यह है कि एक दूसरे के मददगार बनें और हमदर्दी रखें। उन्होने कहा कि मोमिन माफ़ करता है और उसके दिल में किसी के लिए किसी तरह की कोई बुराई नहीं रहती। उन्होने कहा कि आपस में मतभेद होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बर्बादी हो जाए। मौलाना ने कहा कि दस नवंबर को दरगाह हज़रत अब्बास में हुई घटना से शहर वालों का सर शर्म से झुक गया है।     मौलाना कल्बे जवाद ने बुज़ुर्ग उलमा से आह्वान किया कि वह आगे आएं और इस मामले को हल करें। उन्होने लोगों से अपील की कि वह ऐसे हालात पैदा करें कि जिससे दरगाह प्रकरण को लेकर हुई बदनामी के दाग़ धुल सकें। मौलाना ने कहा कि कमेटी कोई भी हो ईमानदारी और सही प्रकार से कार्य करें ताकि दरगाह का विकास हो सके। उन्होने कहा कि वक़्फ़ के पैसे में एक पैसे की भी बेईमानी करने वाले का हश्र ख़्यामें हुसैनी लूटने वालों जैसा होगा। समाचार समाप्त.....166