12 नवंबर 2011 - 20:30

अरब लीग ने अमरीका और पश्चिमी देशों के दबाव में आकर संगठन में सीरिया की सदस्यता को निलंबित कर दिया है.....

अरब लीग ने संगठन में सीरिया की सदस्यता को निलंबित कर दिया है।
मिस्र की राजधानी क़ाहेरा में अरब लीग के विदेशमंत्रियों के सम्मेलन में यह निर्णय किया गया। 22 अरब देशों के विदेशमंत्रियों ने एक बयान जारी करके कहा है कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक राष्ट्रपति बश्शार असद प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध हिंसा समाप्त करने संबंधी अरब लीग के साथ हुए समझौते को लागू नहीं कर देते। अरब देशों के इस संगठन ने सीरिया पर आर्थिक व राजनीतिक प्रतिबंध लगाने तथा अपने राजदूतों को वापस बुलाने की भी धमकी दी है। अरब लीग में सीरिया के प्रतिनिधि ने इस निर्णय को ग़ैर क़ानूनी बताते हुए कहा है कि लीग सीरिया के संकट को गहरा करने का प्रयास कर रहा है। इस बीच सीरिया में जनता ने अरब लीग के इस निर्णय पर कड़ा विरोध जताते हुए दमिश्क़ में सऊदी अरब व क़तर के दूतावासों पर आक्रमण कर दिया है। हज़ारों सीरियाई नागरिकों ने दमिश्क़ में सऊदी अरब, क़तर, तुर्की तथा अमरीकी दूतावासों के समक्ष प्रदर्शन किए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब व क़तर के दूतावासों पर आक्रमण करके वहां अपने देश का ध्वज लहरा दिया। दमिश्क़ का कहना है कि सऊदी अरब सहित कुछ अरब देश और अमरीका, सीरिया में अशांति फैलाने हेतु षड्यंत्र रच रहे हैं। अनेक आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया गया है जिन्होंने स्वीकार किया है कि सीरिया में अशांति फैलाने के लिए उन्हें सऊदी अरब से पैसे मिल रहे थे।

ज्ञात रहे बहरैन में जारी जनांदोलन को कुचलने हेतु सऊदी अरब ने अपनी सेना भेजी है और अरब लीग भी बहरैन में हो रहे नरसंहार पर ख़ामोश बैठा, जो अरब लीग के दोहरे व्यवहार को दर्शाता है।

समाचार समाप्त

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