10 नवंबर 2011 - 20:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल दिया है कि शत्रुओं विशेषकर अमरीका और ज़ायोनी शासन को यह जान लेना चाहिए कि ईरानी राष्ट्र, किसी भी देश या राष्ट्र पर आक्रमण करने वाला नहीं ......

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल दिया है कि शत्रुओं विशेषकर अमरीका और ज़ायोनी शासन को यह जान लेना चाहिए कि ईरानी राष्ट्र, किसी भी देश या राष्ट्र पर आक्रमण करने वाला नहीं है किंतु हर प्रकार के अतिक्रमण बल्कि धमकी का पूरी शक्ति से कुछ इस प्रकार से उत्तर दिया जाएगा कि अतिक्रमणकारियों व आक्रमणकारियों का भीतर से विनाश हो जाएगा।

वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने आज सैन्य विश्वविद्यालय में छात्रों के शपथग्रहण समारोह में भाषण के दौरान कहा कि ईरान की डटी हुई जनता, ऐसा राष्ट्र नहीं है जो चुपचाप बैठ कर खोखली धमकियों पर मूक दर्शक बनी रहे। वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिसके मन में भी ईरान पर अतिक्रमण का विचार उत्पन्न हो उसे स्वंयसेवी सेना, क्रांति संरक्षक बल, सशस्त्र सेना बल्कि संक्षेप में ईरानी राष्ट्र के मुंहतोड़ उत्तर के लिए तैयार रहना चाहिए। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था का ढांचा, राष्ट्रीय एकता तथा ईरानी जनता की एकजुटता, सबसे बड़ी प्रतिरोधक शक्ति है और सभी का यह कर्तव्य है कि व्यवस्था के इस ठोस ढांचे की रक्षा करें और उसे अधिक मज़बूत बनाएं। वरिष्ठ नेता ने बल दिया कि ऐसे विश्व में जिसमें खेद है कि अब भी राष्ट्रों और देशों के मध्य संबंधों का निर्धारण भालों की नोंकों और शस्त्रों के बल पर होता है और शक्तिशाली लुटेरे, बलपूर्वक राष्ट्रों के भविष्य पर अपने नियंत्रण का प्रयास कर रहे हैं, केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहेगा जो अपनी प्रतिरक्षा शक्ति को सिद्ध करने में सफल होगा।

समाचार समाप्त

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