ब्रिटेन के विश्वविद्यालय परिसरों में मुस्लिम विद्यार्थियों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस्लामोफोबिया से ग्रस्त शिक्षक उनकी जासूसी करते हैं। यह दर्द है एक ईरानी महिला छात्र नेता का।
'फेडरेशन ऑफ स्टूडेंट इस्लामिक सोसायटी' के छात्र मामलों की उपाध्यक्ष अल्ला अल समाराइ ने कहा है कि शिक्षकों पर मुस्लिम छात्रों और इस्लामिक समाज पर नजर रखने व जासूसी करने का दबाव रहता है। इस वजह से कई मुस्लिम छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
ज्ञात रहे ब्रिटेन में लगभग 2.5 लाख मुस्लिम छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
उन्हें परिसर में सार्वजनिक तौर पर अपने धर्म का पालन करने में भी समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में एक मुस्लिम छात्र पर हमले की बात बताते हुए कहा कि यहां इस्लामोफोबिया के कई शारीरिक व शाब्दिक उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बुर्का पहनने वाली मुस्लिम छात्राओं पर भी हमले किए जाते हैं।
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