4 नवंबर 2011 - 20:30

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने हाजियों के नाम अपने संदेश में कुछ इस्लामी देशों में जारी जनांदोलनों और क्रांतियों को इस्लामी जगत की महत्वपूर्ण समस्याएं ......

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने हाजियों के नाम अपने संदेश में कुछ इस्लामी देशों में जारी जनांदोलनों और क्रांतियों को इस्लामी जगत की महत्वपूर्ण समस्याएं और उनमें निहित तथ्यों को ईश्वर की निशानियां बताया है।वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने हज संदेश में, जो आज ईरानी हाजियों के कारवां के प्रमुख क़ाज़ी असकर ने मक्के में पढ़ कर सुनाया, युवा पीढ़ी, विद्वानों तथा धर्मगुरुओं के भारी दायित्वों का उल्लेख किया और कहा है कि इस्लामी जगत के समक्ष मौजूद ख़तरों से बचने का एकमात्र मार्ग एकता, समरसता तथा इस्लामी जगत के एक शक्तिशाली ब्लॉक का गठन है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि गत एक वर्ष के दौरान होने वाली घटनाओं ने सब पर यह बात सिद्ध कर दी है कि ईश्वर, राष्ट्रों के संकल्प में ऐसी शक्ति पैदा कर देता है जिसका सामना कोई बड़ी ताक़त नहीं कर सकती। वरिष्ठ नेता ने कहा है कि अमरीका और अन्य साम्राज्यवादी शक्तियां जो दसियों वर्षों से राजनैतिक व सामरिक हथकंडों के माध्यम से क्षेत्रीय सरकारों को अपने अधीन बना चुकी थीं आज इस क्षेत्र की जनता की दृष्टि में सबसे अधिक घृणित हैं। आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने हज संदेश में कहा है कि मिस्र, ट्यूनीशिया, लीबिया तथा अन्य देशों के साहसी, क्रांतिकारी एवं जागृत राष्ट्रों को याद रखना चाहिए कि अमरीका तथा अन्य पश्चिमी साम्राज्यवादी शक्तियों के अत्याचारों और धूर्तता से बचना इस बात पर निर्भर है कि विश्व में शक्ति का संतुलन राष्ट्रों के पक्ष में स्थापित हो।