अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़्ज़ा पट्टी के इस्राईल द्वारा वर्षों से कड़े परिवेष्टन को तोड़ने के नए प्रयास के अंतर्गत मानवीय सहायता लिए तुर्की से दो जहाज़ रवाना हो गए हैं। फ़्रीडम वेव्ज़ टू ग़ज़्ज़ा नामक इस कारवां में शामिल कार्यकर्ताओं की ओर से जारी बयान में आया है कि आयरलैंड और कनाडा के एक एक जहाज़ पर आधारित यह छोटा सा कारवां तुर्की के दक्षिणी तट पर स्थित फ़ेतहिये बंदरगाह से बुधवार को रवाना हुआ और कार्यक्रमानुसार शुक्रवार तक ग़ज़्ज़ा पहुंच जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में चल रहे इस कारवां में चालक दल के सदस्यों, पत्रकारों सहित 27 व्यक्ति सवार हैं और यह कारवां अपने साथ 30000 डालर मूल्य की दवाएं लेकर जा रहा है। ज्ञात रहे मई 2010 में विश्व स्वास्थय संगठन के प्रस्ताव के अनुसार कि जिसमें इस्राईल से फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों का परिवेष्टन समाप्त करने की मांग की गयी है, इस्राईल द्वारा अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों विशेष रूप से ग़ज़्ज़ा पट्टी के कड़े परिवेष्टन के कारण इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं का गंभीर अभाव है। इस कारवां के कार्यकर्ताओं ने कहाः अंतर्राष्ट्रीय मानवीय मिशन का उद्देश्य इस्राईल द्वारा क्षेत्र के जारी आपराधिक परिवेष्टन को चुनौती देना है। ज्ञात रहे 31 मई 2010 को इस्राईली नौसेना ने अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में ग़ज़्ज़ा फ़्रीडम फ़्लोटिला पर आक्रमण किया था जिसके दौरान मवी मरमरा नामक जहाज़ पर सवार तुर्की के नौ कार्यकर्ता हताहत हुए थे। भूमध्य सागर में मानवीय मिशन पर इस्राईल के आक्रमण के कारण तुर्की और इस्राईल के संबंध गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
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