1 नवंबर 2011 - 20:30

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने अमरीका को विश्व में मुख्य आतंकवादी की संज्ञा देते हुए ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अमरीका की अगुवाई में अनेक प्रकार के षड्यंत्रों की ओर से सचेत किया....

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने अमरीका को विश्व में मुख्य आतंकवादी की संज्ञा देते हुए ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अमरीका की अगुवाई में अनेक प्रकार के षड्यंत्रों की ओर से सचेत किया। वरिष्ठ नेता ने आज हज़ारों की संख्या में ईरानी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पास एक सौ ठोस साक्ष्य हैं जो ईरान और क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों के लिए आतंकवादियों को दिशा निर्देशित करने में अमरीका की सीधी भूमिका के सूचक हैं। उन्होंने कहा कि ईरान साक्ष्य प्रस्तुत कर अमरीका, मानवाधिकार की रक्षा के तथा कथित दावेदारों और आतंकवाद के समर्थकों को लज्जित करेगा। वरिष्ठ नेता ने ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अमरीका की अगुवाई में साम्राज्यवादी शक्तियों व ज़ायोनियों के अनेक षड्यंत्रों का उल्लेख करते हुए बल दिया कि जब भी षड्यंत्र रचे गये, इस्लामी गणतंत्र ईरान ईश्वरीय कृपा, राष्ट्र के साहस व प्रिय युवाओं की प्रगति से सफल रहा और अमरीका को मुंह की खानी पड़ी और भविष्य में भी यही प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रजातंत्र के रूप में ईरान की ओर से पेश किए गए नए राजनैतिक विचार के फैलने की ओर से शत्रु चिंतित है। यही कारण है कि अमरीकी सरकार ने वाल स्ट्रीट पर नियंत्रण करो आंदोलन के तीव्र होने के दौरान एक हास्यास्पद षड्यंत्र द्वारा ईरान पर निरर्थक व मूर्खतापूर्ण आतंकवादी कृत्य के प्रयास का आरोप लगाया किन्तु विश्व के सभी बुद्धिमान व्यक्तियों ने इस हास्यास्पद षड्यंत्र को रद्द कर दिया। वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान के विरुद्ध इस प्रकार के षड्यंत्र द्वारा अमरीकी सरकार वाल स्ट्रीट पर नियंत्रण करो आंदोलन को निष्क्रय व ईरान पर दबाव डालना चाहती थी। उन्होंने कहा कि अमरीका ईरानी अधिकारियों पर आतंकवाद का आरोप लगाना चाहता है जबकि वह स्वंय विश्व का मुख्य आतंकवादी है। इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वाशिंग्टन को इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में लज्जाजनक पराजय मिली और अब उसके पास इन दोनों देशों को छोड़ कर जाने के अतिरिक्त कोई मार्ग नहीं है जैसा कि उसे उत्तरी अफ़्रीक़ा में भी पराजय हुयी है। आयतुल्लाहिल उज़मा सय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि उदारवादी प्रजातंत्र के विरुद्ध अमरीकियों व और अस्सी देशों के प्रदर्शन यह दर्शाते हैं कि पश्चिमी पूंजिवादी व्यवस्था विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमरीका और उसके पश्चिमी घटक इन क्रान्तियों को कुचल सकते हैं किन्तु इसके शोले को नहीं बुझाया जा सकता।

समाचार समाप्त

............

166