25 अक्टूबर 2011 - 20:30

बहरैन में अमरीका समर्थित आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा जनता के बर्बरतापूर्ण दमन के बावजूद इस देश की सड़कों पर शासन विरोधी प्रदर्शन हुए...

बहरैन में अमरीका समर्थित आले ख़लीफ़ा शासन द्वारा जनता के बर्बरतापूर्ण दमन के बावजूद इस देश की सड़कों पर शासन विरोधी प्रदर्शन हुए। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कल रात दाइह, दाइर, महज़ा, मामीर और सितरा में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने बहरैनी शासक हमद बिना ईसा आलेख़लीफ़ा के विरुद्ध नारे लगाते हुए फ़ार्स खाड़ी के राजशाही व्यवस्था वाले इस देश में परिवर्तन की अपनी मांगों के पूरा होने तक शासन विरोधी प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दोहराया। पश्चिमोत्तरी दिराज़ गांव में प्रदर्शनकारियों व शासन के समर्थक सैनिकों के बीच झड़पों के समाचार हैं। ज्ञात रहे बहरैन में फ़रवरी के मध्य से इस देश की जनता आले ख़लीफ़ा शासन के अंत की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है जो दशकों से इस देश की सत्ता पर क़ब्ज़ा जमाए हुए हैं। सउदी अरब और संयुक्त अरब इमारात ने मनामा के शासक की जनता के बर्बरतापूर्ण दमन में सहायता के लिए अपनी सेनाएं भेजी हैं। बहरैन में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध बर्बरतापूर्ण कार्यवाही में बड़ी संख्या में मारे गए और सैकड़ों गिरफ़तार किए गए हैं।

इस बीच प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अमरीका समर्थित बहरैनी शासन ने कुवैत में जन्में कनाडा के नागरिक सहित 13 और व्यक्तियों को शासन विरोधी प्रदर्शनों में कथित रूप से भाग लेने के आरोप में कारावास का दंड दिया गया है।

समाचार समाप्त

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