विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अत्याचारियों का अंत तबाही के अतिरिक्त कुछ नहीं होता।श्री रामीन मेहमान परस्त ने लीबीया के तानाशाह मुअम्मर क़ज़्ज़ाफ़ी के मारे जाने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि पूरे इतिहास में अत्याचारियों और तानाशाहों का अंत, तबाही के अतिरिक्त कुछ और नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशंसनीय प्रतिरोध की छाया में प्राप्त होने वाली इस बड़ी सफलता पर इस्लामी गणतंत्र ईरान महान लीबियाई राष्ट्र को बधाई देता है। विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क़ज़्ज़ाफ़ी की तानाशाही की समाप्ति और राजनैतिक जीवन के नए चरण में लीबिया के प्रवेश पर यह आशा प्रबल हुई है कि इस देश में जनता द्वारा राष्ट्रीय संप्रभुता के निर्धारण का मार्ग प्रशस्त होगा और लीबिया गृहयुद्ध की समाप्ति, शांति व स्थिरता की स्थापना, एक जनतांत्रिक व्यवस्था के सत्ता में आने और जनता की इच्छाओं व मांगों को व्यवहारिक बनाने के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। श्री मेहमान परस्त ने कहा कि लीबिया की जनता की एक मूल इच्छा के व्यवहारिक हो जाने के बाद अब इस देश में विदेशी हस्तक्षेप जारी रहने का कोई बहाना नहीं है और विदेशी सेना लीबिया से बाहर निकल कर इस देश की जनता को हर प्रकार के विदेशी हस्तक्षेप से दूर रहते हुए अपने भविष्य निर्धारण के संबंध में निर्णय करने दे।
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