18 अक्टूबर 2011 - 20:30

कुवैत के एक इमामे जुमा ने शियों के विश्वास का खुला अपमान करते हुए, अपने निंदनीय भाषण में कहा कि अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की समाधियों की ज़ियारत का पाप, बलात्कार और चोरी से भी अधिक है....

अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) की रिपोर्ट के अनुसार वहाबियों द्वारा शिया समुदाय के धार्मिक कृत्यों के अपमान का सिलसिला जारी है।

इसी संदर्भ में सूचना मिली है कि कुवैत के एक इमामे जुमा ने शियों के विश्वास का खुला अपमान करते हुए, अपने निंदनीय भाषण में कहा कि अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की समाधियों की ज़ियारत का पाप, बलात्कार और चोरी से भी अधिक है।

उसने कहा कि अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की समाधियों की ज़ियारत के लिए बुलाना मानो शिर्क अर्थात एकेश्वरवाद की ओर दावत देना है।

ज्ञात रहे वहाबी अपने अतिरिक्त दूसरे सभी समुदायों को काफ़िर जानते हैं और उनकी हत्या को अनिवार्य समझते हैं। दूसरे धर्मों का मज़ाक़ उड़ाना, मानवाधिकारों की उपेक्षा करना, आतंकी घटनाओं द्वारा दूसरे सभी धर्मों की हत्या करना इस समुदाय के मूल सिद्धांत हैं।

समाचार समाप्त

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