17 अक्टूबर 2011 - 20:30

राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान और सऊदी अरब के बीच मतभेद उत्पन्न करना, ईरान के विरुद्ध अमरीका के हालिया आरोप का एक मुख्य उद्देश्य है....

राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान और सऊदी अरब के बीच मतभेद उत्पन्न करना, ईरान के विरुद्ध अमरीका के हालिया आरोप का एक मुख्य उद्देश्य है।

डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने अलजज़ीरा टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि अमरीका की आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटाने हेतु ईरान व सऊदी अरब के बीच मतभेद उत्पन्न करना, ईरान के विरुद्ध अमरीका के हालिया आरोपों का एक मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अमरीका में आर्थिक समस्याएं इस सीमा तक गंभीर हो चुकी हैं कि वे ईरान पर आरोप लगा कर समाप्त नहीं होंगी। राष्ट्रपति ने कहा कि यदि विश्व में आतंकवादी गुटों की जड़ें खोजी जाएं तो यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि उन सबका संबंध अमरीकी सरकार से रहा है। डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने इसी प्रकार अमरीका द्वारा सुरक्षा परिषद में ईरान पर आरोप लगाए जाने के संबंध में कहा कि सुरक्षा परिषद अमरीका के वर्चस्व में है और यदि अमरीकी सरकार ईरान के विरुद्ध सुरक्षा परिषद पर दबाव डाले तो फिर इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की को प्रतिष्ठा ही बाक़ी नहीं बचेगी। उन्होंने ज़ायोनी शासन के बारे में तेहरान की नीति के बारे में कहा कि अतिग्रहण, हत्या और आतंकवाद को समाप्त होना चाहिए और ज़ायोनी शासन एक अवैध शासन है जिसे अमरीकी व ब्रिटिश सरकार ने अस्तित्व प्रदान किया है किंतु क्षेत्रीय राष्ट्रों ने उसे कभी भी स्वीकार नहीं किया है। राष्ट्रपति अहमदी नेजाद ने क्षेत्र के अरब देशों में जारी आंदोलनों के बारे में तेहरान की नीति के संबंध में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का मानना है कि स्वतंत्रता, सम्मान और न्याय सभी राष्ट्रों का अधिकार है और किसी को भी अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारों तथा राष्ट्रों को भी शांत वातावरण में अपने अधिकारों और मांगों को पूरा करना चाहिए।

समाचार समाप्त

.........

166