संसद सभापति ने कहा है कि अमरीका, ईरान पर आरोप लगा कर विश्व जनमत को भ्रमित करना चाहता है। डाक्टर अली लारीजानी ने, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतर्संसदीय संघ के 125वें सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्विज़रलैंड की राजधानी बर्न की यात्रा पर हैं, विश्व में ईरानोफ़ोबिया फैलाने के लिए पश्चिम के नए ड्रामे को निराधार और हास्यास्पद बताया है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ऐसे अनेक प्रश्न हैं जो यह दर्शाते हैं कि अमरीकी अधिकारियों के दावे निराधार और खोखले हैं, कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है कि उसका इस षड्यंत्र में हाथ है, वह ईरानी सरकार का विरोधी है और कई वर्ष पहले ही ईरान से भाग चुका है तथा वह ईरानी अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं कर सकता। संसद सभापति ने मध्यपूर्व तथा उत्तरी अफ़्रीक़ा के आंदोलनों के बारे में ईरान की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि तेहरान ने आरंभ से ही क्षेत्रीय जनता के प्रजातांत्रिक आंदोलनों का समर्थन किया है जबकि अमरीका ने सदैव ही तानाशाहों का बचाव किया है। ज्ञात रहे कि अंतर्राष्ट्रीय अंतर्संसदीय संघ विश्व का एक महत्वपूर्ण संसदीय संगठन है और 157 देश इसके सदस्य हैं। प्रतिवर्ष दो बार यह सम्मेलन आयोजित होता है जिसमें महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है। इस संगठन का मुख्यालय जेनेवा में है।
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