25 सितंबर 2011 - 20:30

ईरान के राष्ट्रपति व भारत के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रों के प्रभुसत्ता के अधिकार तथा क्षेत्रीय परिवर्तनों में विदेशियों के हस्तक्षेप को रोकने पर बल दिया है....

ईरान के राष्ट्रपति व भारत के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रों के प्रभुसत्ता के अधिकार तथा क्षेत्रीय परिवर्तनों में विदेशियों के हस्तक्षेप को रोकने पर बल दिया है।डाक्टर महमूद अहमदी नेजाद ने कल संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के 66वें सम्मेलन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देश आपसी सहयोग व समझ-बूझ के माध्यम से क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान कर सकते हैं और विदेशियों का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप केवल समस्याओं को जटिल ही बनाएगा। राष्ट्रपति अहमदी नेजाद ने इस भेंट में इसी प्रकार इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान और भारत के बड़े प्राचीन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंध हैं, कहा कि तेहरान व नई दिल्ली दोनों राष्ट्रों तथा क्षेत्र व विश्व के हित में अपने संयुक्त बिंदुओं के आधार पर संबंधों को अधिक विस्तृत व सुदृढ़ कर सकते हैं। इस भेंट में भारत के प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने भी कहा कि भारत किसी भी देश के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप का विरोधी है और उसका मानना है कि देशों के संप्रभुता के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने इसी प्रकार कहा कि भारत और ईरान, द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय सहयोग द्वारा क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।